Categories India News

NMC New Guidelines: अब डॉक्टर नहीं कर पायेंगे 100% सफ़ल उपचार और ‘बेस्ट डॉक्टर’ जैसे दावे, NMC ने ऐसे विज्ञापनों और दावों पर लगाई रोक

NMC New Guidelines:

NMC New Guidelines: NMC (नेशनल मेडिकल कमीशन) के नए दिशा-निर्देशों में डॉक्टरों के ऑनलाइन विज्ञापनों, 100% सफलता के दावों, फ़र्ज़ी रिव्यू, मरीजों की तस्वीरों, डिस्काउंट के ऑफर व AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बने भ्रामक मेडिकल प्रचार पर सख़्ती की गयी है। डॉक्टरों और हॉस्पिटल्स के ऑनलाइन प्रचार, सोशल मीडिया पोस्ट्स व विज्ञापनों को लेकर ये नये दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। जिसके अंतर्गत डॉक्टरों व हॉस्पिटल्स के भ्रामक दावे, फ़र्ज़ी रिव्यू और मरीजों की सफ़लता की कहानियों का प्रयोग करके मरीजों को आकर्षित नहीं कर सकेंगे।

NMC New Guidelines

हालांकि स्वास्थ्य जागरूकता और चिकित्सा से जुड़ी जानकारी साझा करने की डॉक्टरों और हॉस्पिटल्स को अनुमति रहेगी। NMC के इन दिशा निर्देशों का उद्देश्य चिकित्सा पेशे में नैतिकता बनाए रखना, भ्रामक प्रचार पर रोक लगाना और मरीजों के हितों की रक्षा करना है। हालांकि डॉक्टर सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, जन स्वास्थ्य की जानकारी और शैक्षणिक सामग्री साझा कर सकते हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल मरीजों को लुभाने या व्यावसायिक लाभ के लिए भ्रामक प्रचार करने में नहीं किया जा सकेगा।

NMC के दिशा-निर्देशों के अनुसार, डॉक्टर डर पैदा करके मरीजों को बेवजह मेडिकल प्रक्रियाएं या जांच कराने के लिए प्रेरित नहीं कर सकेंगे। डॉक्टर मरीजों को लुभाने के लिए अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए किसी भी तरह का अनुचित प्रचार भी नहीं कर सकते। इसके अलावा, डॉक्टर किसी दवा, थेरेपी या मेडिकल डिवाइस के प्रचार के लिए अपने नाम का भी इस्तेमाल नहीं कर सकते।

अब डॉक्टर या हॉस्पिटल अपने मरीजों की किसी भी प्रकार की सक्सेस स्टोरी सुनाकर या दिखाकर मरीजों को भ्रमित नहीं कर पायेंगे। डॉक्टरों को उपचार से पूर्व व उपचार के बाद की तस्वीरों या सेलिब्रिटी मरीजों का भी मेडिकल प्रचार के लिये प्रयोग करने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि मरीजों की जानकारी का उपयोग वैज्ञानिक या शैक्षणिक उद्देश्यों के लिये किया जा सकता है, लेकिन इसके लिये उनकी पहचान छुपाना आवश्यक होगा।

डॉक्टर, हॉस्पिटल या उनकी तरफ़ से कार्य करने वाले लोग फ़र्ज़ी फॉलोअर्स, लाइक्स, रेटिंग, कमेंट्स, व्यूज और ऑनलाइन रिव्यू ख़रीदकर अपनी लोकप्रियता नहीं बढ़ा सकेंगे। गूगल या अन्य सर्च इंजन की रैंकिंग या ऑनलाइन विजिबिलिटी से लोगों को प्रभावित करने पर भी अब रोक लगा दी गयी है। नये दिशा निर्देश के अनुसार डॉक्टरों व हॉस्पिटल्स को अपनी उपलब्धियों का भ्रामक अथवा बढ़ा चढ़ाकर प्रचार करने पर भी रोक लगी है।

‘बेस्ट डॉक्टर’, ‘नम्बर-1 स्पेशलिस्ट’, ‘100% सफ़लता’, ‘बिना दर्द का उपचार’, ‘सबसे भरोसेमन्द’ व ‘सबसे बेहतर उपचार’ जैसे दावों का प्रयोग मरीजों को आकर्षित करने के लिये मनमाने तरीक़े से नहीं किया जा सकेगा। अगर इस प्रकार के लोक लुभावन दावे किये जाते हैं, तो उनकी सत्यता को सत्यापित किये जा सकने वाले प्रमाण होने चाहिये। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे दावों के पीछे प्रयोग की गयी पद्धति, सम्बंधित तारीखों, शर्तों व पुरस्कार अथवा रैंकिंग देने वाली संस्था की जानकारी भी साझा करनी होगी। इसका उद्देश्य मरीजों को ग़लत या अधूरी जानकारी के आधार पर इलाज चुनने से बचाना है।

डॉक्टर चिकित्सा सेवाओं या मरीजों को दिए गए रेफरल के बदले कमीशन, रेफरल फीस, बोनस, गिफ्ट या दूसरे आर्थिक फायदे नहीं ले सकेंगे। दिशा-निर्देशों में ऐसे प्रचार ऑफर पर भी रोक लगाई गई है, जो मरीजों को अनावश्यक जांच, परामर्श या इलाज कराने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं। इसमें सीमित समय के लिए छूट, कूपन, कैशबैक, प्रतियोगिताएं, गिफ्ट और इसी तरह के दूसरे ऑफर शामिल हैं।

वहीं NMC के नये दिशा-निर्देशों में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार की गयी सामग्री के प्रयोग को लेकर भी पूरी तरह से रोक लगायी गयी है।  अव डॉक्टर लोग और हॉस्पिटल्स AI से तैयार या AI की सहायता से बनायी गयी ऐसी सामग्री का उपयोग नहीं कर सकेंगे जो बीमारी की पहचान, उपचार, उपचार के परिणामों, डॉक्टरों की योग्यता अथवा मरीजों के अनुभवों के बारे में भ्रामक, धोखे वाले अप्रमाणित दावे करती हो।

NNC के नये दिशा निर्देशों में उल्लंघन के आधार पर डॉक्टर्स और हॉस्पिटल्स पर विभिन्न स्तर की कार्यवाही का प्रावधान किया गया है। पहली बार नियम तोड़ने पर चेतावनी व अनिवार्य नैतिकता प्रशिक्षण दिया जा सकता है, दूसरी बार नियमों के उल्लंघन पर औपचारिक निन्दा और आर्थिक दण्ड भी लगाया जा सकता है, जबकि तीसरी बार नियमों का उल्लंघन करने पर डॉक्टर्स और हॉस्पिटल्स का मेडिकल रजिस्ट्रेशन 3 से 6 माह तक के लिये निलम्बित करने की बात कही गयी है।

जबकि कुछ गम्भीर मामलों जैसे उपचार से जुड़े भ्रामक दावे करना अथवा अनुचित तरीक़े से मरीजों को आकर्षित करने पर मेडिकल रजिस्ट्रेशन 6 से 12 महीने तक भी निलम्बित किया जा सकता है। और बार बार नियम तोड़ने पर डॉक्टरों और हॉस्पिटल्स का नाम मेडिकल रजिस्टर से 1 से 3 वर्ष तक के लिये भी हटाया जा सकता है।

Source: जनसत्ता

Related posts:
Delhi Blast Update: दिल्ली लाल क़िले के पास हुए ब्लास्ट में मारे गये लोग दिल्ली और आसपास के कईं प्रदेशों से हैं
Tuesday November 11, 2025
Dharmendra Death Fake News: अभिनेता धर्मेन्द्र की मौत की ख़बरों को परिवार ने बताया अफ़वाह, कहा धर्मेन्द्र ठीक हैं और हॉस्पिटल में उपचाराधीन हैं
Tuesday November 11, 2025
Vande Mataram Controversy: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वन्दे मातरम के निर्णय पर देवबन्दी उलेमा असहमत, कहा 'मुसलमान किसी देवी-देवता की स्तुति नहीं कर सकता...
Monday November 10, 2025
US Vice President JD Vance Statement: अमेरिकी सेकंड लेडी हिन्दू धर्म छोड़कर ईसाई बनने जा रही है? उषा के पति और उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि 'मैं वास्त...
Friday October 31, 2025
Ahmedabad Hospital Viral Video: सिविल हॉस्पिटल की डॉक्टर ने व्यक्ति को मारा थप्पड़, फ़िर कहा 'मैं आपके बच्चे का इलाज नहीं करुँगी': देखें Viral Video
Wednesday October 29, 2025
Kurnool Bus Fire: देश में फ़िर हुआ एक बड़ा बस अग्निकांड, 40 यात्रियों को ले जा रही वॉल्वो बस में लगी भीषण आग, 20 यात्रियों की मौत
Friday October 24, 2025
Canadian Woman Pilot Dies In India: हिमाचल की त्रियुण्ड पहाड़ियों में लापता कनाडियन महिला पायलट की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन में हेलीकॉप्टर से निकाला गया शव
Tuesday October 21, 2025
US Threatens India With Tariff: अमेरिका की भारत को फ़िर धमकी, कहा 'इतना टैरिफ़ लगाउँगा कि चुकाना हो जायेगा मुश्किल
Monday October 20, 2025